Published On: Fri, Nov 24th, 2017

जस्टिस बृजगोपाल हरकिशन लोया की हत्या

जस्टिस बृजगोपाल हरकिशन लोया की हत्या भी उसी तरह की गई है जिस तरह महात्मा राजीव दीक्षित को मौत के घाट उतारा गया था।।

जस्टिस लोया सीबीआई स्पेशल कोर्ट के जज थे और वह भाजपा के अध्यक्ष अमितशाह के मामले की सुनवाई कर रहे थे।। मामला फैसले के नजदीक था और जस्टिस लोया अमितशाह को रामरहीम बनाने ही वाले थे कि रहस्यमय हालात में उन्हें मौत की नींद सुला दिया गया और उनका अंतिम संस्कार आनन फानन में उनके गांव में कर दिया गया जबकि उनका परिवार मुम्बई में रहता था, जस्टिस लोया को मौत से पहले धोखा देकर उनके अपने ही साथी जजों द्वारानागपुर ले जाया गया और वहां उनकी हत्या कर दी गई, अफवाह उड़ाई गई जस्टिस लोया को हार्ट अटैक पड़ गया जिससे उनकी मौत हो गई।। हत्यारों ने अपने डॉक्टर्स से जस्टिस लोया के फर्जी मेडिकल कागजात बनवाये और उन्हें असली का रूप देकर लोया की हत्या के राज को दफन कर दिया गया।।
कुछ कुछ यही सब महात्मा राजीव दीक्षित उर्फ राजीव भाई के साथ हुआ था, राजीव भाई के साथी उन्हें व्याख्यान के बहाने छत्तीसगढ़ ले गए और वहां लेजाकर उनकी हत्या करके शव को पतंजलि हरिद्वार में लेजाकर जला दिया और अफवाह यह फैलाई गई कि राजीव भाई को हार्ट अटैक हुआ था जिससे उनकी मौत हो गई।
राजीव भाई और जस्टिस लोया के प्रियजनों के अनुसार दोनों ही स्व्स्थ थे और उन्हें कभी दिल का रोग नहीं था। राजीव भाई के समर्थकों ने भी राजीव भाई की मौत को हत्या करार दिया था और जस्टिस लोया के परिवार ने भी लोया की मौत को हत्या करार दिया है। जस्टिस लोया की हत्या की जांच कराने के लिए तो सांसदों तक ने धरना दिया था किन्तु सरकार ने एक नहीं सुनी। राजीव भाई के समर्थक भी उनकी हत्या की जांच के लिए एक साल से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं किंतु सरकार सोई पड़ी है।
अब हमें यह दोनों मामले एक साथ उठाने हैं।
माफिया उन्मूलन समिति असली देशभगत क्रांतिवीरों का संगठन है। हमारे पास कोठी बंगला कारखाने और काला धन है ही नहीं जिसे सरकार छीन लेगी, हमारे पास तो केवल सच्चाई है देश का प्यार है जिसे सरकार तो क्या अमितशाह और रामदेव भी नहीं छीन सकते। हम मौत से जेल से जिल्लत से भय खाने वाले नकली देशभगत नहीं हैं। 30 नवम्बर 2017 को हम दिल्ली से हुंकार भरेंगे और कातिलों को सजा देने की मांग करेंगे। आप भी हमारी आवाज में आवाज मिलाएं और जस्टिस लोया एवम राजीव भाई की हत्या की जांच कराने और उनके हत्यारों को फांसी दिलाने के लिए अपने अपने जिलाधिकारी मुख्यमंत्री राज्यपाल को ज्ञापन दें। हम यहां राष्ट्रपति प्रधानमन्त्री गृहमंत्री कानूनमंत्री और मुख्य न्यायधीश को खुले ज्ञापन देंगे।
निवेदक
माफिया उन्मूलन समिति